चिली में मरियम का स्वर्गारोहण: महत्व, रीति-रिवाज और अवकाश
चिली में मरियम का स्वर्गारोहण 15 अगस्त को पूरे देश में धार्मिक सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इसकी तारीख़ निश्चित है और चिली का कानून अधिकांश कर्मचारियों को सार्वजनिक अवकाशों पर विश्राम देता है, हालांकि कुछ गतिविधियों को अपवाद प्राप्त हैं।[1][2]
एक निश्चित तारीख़ वाला धार्मिक अवकाश
15 अगस्त चिली के 1915 के कानून संख्या 2,977 के तहत स्थापित सार्वजनिक अवकाशों में शामिल है। यह तारीख़ 15 अगस्त ही रहती है; चिली में कानून के तहत तारीख़ बदलने के नियम 29 जून और 12 अक्टूबर जैसी निर्दिष्ट छुट्टियों पर लागू होते हैं, मरियम के स्वर्गारोहण पर नहीं।[1]
यह अवकाश वाणिज्य क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य, त्याग न किए जा सकने वाले विश्राम-दिवसों में शामिल नहीं है। यह दर्जा 1 जनवरी, 1 मई, 18 और 19 सितंबर तथा 25 दिसंबर को प्राप्त है। इसलिए स्वर्गारोहण के अवसर पर दुकानों को पूरे देश में बंद रखना जरूरी नहीं है, हालांकि अलग-अलग कारोबार अपना समय तय कर सकते हैं।[3]
मरियम के स्वर्गारोहण का अर्थ
कैथोलिकों के लिए यह पर्व उस विश्वास का स्मरण कराता है कि सांसारिक जीवन के अंत में मरियम को तन और आत्मा सहित स्वर्गीय महिमा में ले जाया गया। चिली का कैथोलिक चर्च कहता है कि पोप पायस बारहवें ने 1950 में इस विश्वास को धर्मसिद्धांत घोषित किया।[4]
चिली में 15 अगस्त पवित्र जीवन दिवस से भी जुड़ा है, जो धार्मिक जीवन बिताने वाली महिलाओं और पुरुषों के कार्य को मान्यता देता है। चिली के एपिस्कोपल सम्मेलन ने इसे देश के सभी धर्मप्रांतों में मनाया जाने वाला उत्सव बताया है।[4]
मिस्सा, शोभायात्राएँ और क्षेत्रीय आयोजन
चर्च की प्रार्थना सभाएँ इस दिन का दर्ज हिस्सा हैं। सैंटियागो में महाधर्मप्रांत ने पल्लियों, चैपलों, गिरजाघरों और तीर्थस्थलों में मिस्सा आयोजित होने की सूचना दी है। एंटोफ़गास्ता में एक समुदाय ने पास की सड़कों से शोभायात्रा निकालने से पहले जपमाला और मिस्साओं के साथ तैयारी की; पर्व की पूर्व संध्या पर गिरजाघर में संगीतमय जागरण भी हुआ।[5][6]
ला अरौकानिया के मेत्रेंको स्थित वर्जिन ऑफ द ट्रांज़िट के तीर्थस्थल पर 1979 से हर साल 15 अगस्त को उत्सव होता आया है। चिली के सांस्कृतिक विरासत आदेश के अनुसार, वहाँ आने वाले लोग वाहनों को आशीर्वाद दिलाने, धार्मिक मन्नतें पूरी करने या उनके लिए धन्यवाद देने और स्थानीय परंपराओं में भाग लेने के लिए जुटते हैं। आदेश में पूरे क्षेत्र से लोगों के आने का वर्णन है।[7]
काम और व्यावहारिक योजना
श्रम संहिता के अनुसार रविवार और सार्वजनिक अवकाश घोषित दिन विश्राम-दिवस हैं, सिवाय उन गतिविधियों के जिन्हें कानून के तहत काम करने की अनुमति है। इन अपवाद प्राप्त गतिविधियों के कर्मचारी अवकाश के दिन काम कर सकते हैं और संहिता के तहत आम तौर पर बदले में विश्राम पाने के हकदार होते हैं।[2]
चूँकि 15 अगस्त वाणिज्य क्षेत्र के लिए अनिवार्य, त्याग न किया जा सकने वाला अवकाश नहीं है, इसलिए खुलने का समय अलग-अलग हो सकता है। जाने से पहले सरकारी कार्यालयों और बैंकों से खुलने के समय की जाँच करें।[2][3]
चिली में मरियम का स्वर्गारोहण: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चिली में मरियम का स्वर्गारोहण कब मनाया जाता है?
यह हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है। सप्ताहांत में पड़ने पर भी तारीख़ को किसी कार्यदिवस पर नहीं बदला जाता।[1]
क्या यह सार्वजनिक अवकाश और छुट्टी का दिन है?
क्या दुकान के कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य, त्याग न किया जा सकने वाला अवकाश है?
नहीं। चिली के श्रम निदेशालय की अनिवार्य, त्याग न की जा सकने वाली वाणिज्यिक छुट्टियों की सूची में 15 अगस्त शामिल नहीं है, इसलिए दुकानें खुल सकती हैं।[3]
कौन से समारोह होते हैं?
क्या बैंक, कार्यालय और सार्वजनिक परिवहन बंद रहते हैं?
सार्वजनिक अवकाश के लिए सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। यात्रा करने से पहले संबंधित बैंक या परिवहन ऑपरेटर से जाँच करें।[2]
स्रोत और संदर्भ
चिली में मरियम का स्वर्गारोहण के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Normativa que instaura días nacionales o conmemorativos- Biblioteca del Congreso Nacional de Chile
- Ley Chile - dfl 1 (16-ene-2003) M. del Trabajo y Previsión Social; Subsecretaría del Trabajo - Biblioteca del Congreso Nacional de Chile- Biblioteca del Congreso Nacional de Chile
- ¿Cuáles son los días que de acuerdo a la ley son feriados obligatorios e irrenunciables para los trabajadores del comercio?- Dirección del Trabajo, Gobierno de Chile
- Solemnidad de la Asunción de la Virgen- Conferencia Episcopal de Chile
- En Arquidiócesis de Santiago: Fiesta de la Asunción de la Virgen y Día de la Vida Consagrada- Conferencia Episcopal de Chile
- Celebraron Asunción de la Virgen en capilla de Antofagasta- Conferencia Episcopal de Chile
- Ley Chile - Decreto 16 (11-jun-2022) M. de las Culturas, las Artes y el Patrimonio; Subsecretaría del Patrimonio Cultural - Biblioteca del Congreso Nacional de Chile- Biblioteca del Congreso Nacional de Chile