ईरान में ईरानी तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण
ईरान में 29 इस्फ़ंद को ईरानी तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण दिवस मनाया जाता है और यह राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश बना हुआ है। यह वर्षगाँठ 1951 की दो चरणों वाली संसदीय प्रक्रिया की याद दिलाती है: मजलिस ने सैद्धांतिक रूप से राष्ट्रीयकरण को मंज़ूरी दी और सीनेट ने पाँच दिन बाद कानून पारित किया।[1][2]
तारीख़ और क़ानूनी दर्जा
ईरान के अवकाश कानून में 29 इस्फ़ंद देश के आधिकारिक अवकाशों में शामिल है। बाद का एक कानून बताता है कि तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण दिवस की तारीख़ यही है और यह आधिकारिक अवकाश बना हुआ है।[1] यह तारीख़ सौर हिजरी कैलेंडर के अनुसार है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसका दिन बदलता है। कानून सौर हिजरी तारीख़ बताता है, लेकिन सप्ताहांत पड़ने पर छुट्टी के बदले दिन का नियम तय नहीं करता।[1]
कानून सार्वजनिक अवकाश के दिनों में आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था करने की अनुमति देता है, लेकिन यह नहीं बताता कि कौन-सी दुकानें, बैंक या परिवहन सेवाएँ चालू रहेंगी। यात्रियों को संबंधित सेवा प्रदाताओं से उनकी समय-सारिणी पूछनी चाहिए।[1]
राष्ट्रीयकरण कैसे हुआ
राष्ट्रीयकरण आंदोलन, Anglo-Iranian Oil Company के साथ ईरान की तेल व्यवस्था की शर्तों पर विवाद से उभरा। 1949 में उन शर्तों को बेहतर बनाने के प्रस्तावित समझौते का संसद में विरोध हुआ। मोहम्मद मोसद्देक़ और उनके नेशनल फ्रंट के सहयोगियों ने तेल के मुद्दे को केंद्रीय राजनीतिक विषय बनाया, जबकि तेहरान और दूसरे शहरों में प्रदर्शनों से राष्ट्रीयकरण के लिए जनता का समर्थन दिखा।[2][3]
15 मार्च 1951 को मजलिस ने अपनी विशेष तेल समिति की सिफ़ारिश पर राष्ट्रीयकरण के सिद्धांत को मंज़ूरी दी; इस समिति की अध्यक्षता मोसद्देक़ कर रहे थे। सीनेट ने 20 मार्च को राष्ट्रीयकरण कानून पारित किया। यह अंतर महत्वपूर्ण है: पहली तारीख़ मजलिस के मतदान की है, जबकि अवकाश की तय तारीख़ 29 इस्फ़ंद 1951 में सीनेट द्वारा कानून पारित किए जाने के अनुरूप है।[2]
यह वर्षगाँठ क्या दर्शाती है
राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य ईरान के तेल संसाधनों पर देश की संप्रभुता, स्वामित्व और नियंत्रण स्थापित करना तथा ब्रिटिश राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव कम करना था। इसके बाद के एक कानून में Anglo-Iranian Oil Company की संपत्तियाँ अपने नियंत्रण में लेने और नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी स्थापित करके उद्योग चलाने का प्रावधान था।[2][3]
इस बदलाव के बाद ब्रिटेन के साथ लंबा विवाद चला। Encyclopaedia Iranica के अनुसार, ब्रिटेन की प्रभावी नाकेबंदी से ईरान का तेल उत्पादन तेज़ी से घटा; इसके बाद आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बिगड़ी और अगस्त 1953 में मोसद्देक़ को सत्ता से हटा दिया गया।[2] इसलिए यह वर्षगाँठ राष्ट्रीय संसाधनों पर नियंत्रण पाने के प्रयास और उसके बाद आए संकट, दोनों की याद दिलाती है।
स्मरण और व्यावहारिक योजना
सीनेट ने 20 मार्च 1951 को राष्ट्रीयकरण कानून अपनाया।[2]
इस दिन को आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, इसलिए सामान्य कार्यदिवस की तुलना में रोज़मर्रा के खुलने के समय अलग हो सकते हैं। कानून कार्यालयों, बैंकों, खुदरा दुकानों या सार्वजनिक परिवहन की विस्तृत समय-सारिणी नहीं देता, इसलिए मुलाक़ात या यात्रा की योजना से पहले स्थानीय व्यवस्था की जानकारी लें।[1]
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ईरानी तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण दिवस कब होता है?
ईरान के सौर हिजरी कैलेंडर में यह हर साल 29 इस्फ़ंद को मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख़ हर साल बदलती है।[1]
क्या ईरान में यह सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ। ईरान के अवकाश कानून में 29 इस्फ़ंद आधिकारिक अवकाशों में शामिल है और इससे जुड़ा कानून इसे राष्ट्रीयकरण की वर्षगाँठ की तारीख़ बताता है।[1]
क्या मजलिस ने 15 मार्च 1951 को राष्ट्रीयकरण कानून पारित किया था?
मजलिस ने 15 मार्च को सैद्धांतिक रूप से राष्ट्रीयकरण को मंज़ूरी दी थी। सीनेट ने 20 मार्च 1951 को कानून पारित किया, और यही तारीख़ वर्षगाँठ से जुड़ी है।[2]
अवकाश के दिन क्या खुला रहेगा?
कानून आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की अनुमति देता है, लेकिन व्यवसायों या परिवहन के समय नहीं बताता। जिस कार्यालय, बैंक, दुकान या वाहक का इस्तेमाल करना है, उससे पूछ लें।[1]
स्रोत और संदर्भ
ईरान में ईरानी तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- لایحه قانونی تعیین تعطیلات رسمی کشور- Nezamat
- OIL AGREEMENTS IN IRAN- Encyclopaedia Iranica
- ANGLO-PERSIAN OIL COMPANY- Encyclopaedia Iranica