ईरान में आशूरा
आशूरा मुहर्रम के दसवें दिन पड़ता है और ईरान में देशव्यापी सार्वजनिक अवकाश है। यह इमाम हुसैन के शोक-दिवस के रूप में मनाया जाता है; इस दिन सार्वजनिक जुलूस निकलते हैं और ईरान की ताज़िये जैसी रस्में होती हैं।[1][2][3]
राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश
ईरान का आधिकारिक अवकाश निर्धारण कानून तासुआ और आशूरा, दोनों को देश के आधिकारिक अवकाशों में सूचीबद्ध करता है। इनमें से कोई भी तारीख साप्ताहिक विश्राम-दिन पर पड़ने पर कानून वैकल्पिक दिन तय नहीं करता।[1]
आशूरा इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार होता है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती है। यह 10 मुहर्रम को पड़ता है; शिया परंपरा में यह इमाम हुसैन के शोक का दिन है, जो 680 में कर्बला में मारे गए थे।[2]
कथा और उसका अर्थ
यह स्मरणोत्सव वर्तमान इराक़ में स्थित कर्बला के युद्ध और पैगंबर मुहम्मद के नाती तथा तीसरे शिया इमाम हुसैन की मृत्यु की याद दिलाता है। ईरान में सोलहवीं सदी की शुरुआत में सफ़वी शासन के तहत द्वादश इमामी शिया मत के राजधर्म बनने के साथ हुसैन की स्मृति विशेष रूप से प्रमुख हुई। शोक-आयोजन अब ईरान के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।[2][3]
सार्वजनिक आयोजन और ईरानी परंपराएँ
शोक-जुलूस, शोकगीत और कर्बला की घटनाओं का वर्णन करने वाली सभाएँ इस दिन को मनाने के तरीकों में शामिल हैं। ईरान में स्थानीय महत्व रखने वाली एक रस्मी वस्तु नख़्ल है: सजाई गई लकड़ी की संरचना, जिसे आशूरा के जुलूस में हुसैन के ताबूत के प्रतीक के रूप में उठाकर ले जाया जाता है। यह परंपरा विशेष रूप से यज़्द और आसपास के कस्बों तथा गाँवों से जुड़ी है।[3]
ताज़िये एक रस्मी नाट्य-कला है, जिसमें कविता, संगीत, गायन और अभिनय के माध्यम से धार्मिक और ऐतिहासिक कथाएँ प्रस्तुत की जाती हैं। UNESCO इसे ईरानी सांस्कृतिक रूप बताता है; प्रस्तुतियों में कर्बला से जुड़ी घटनाएँ दिखाई जा सकती हैं। अन्य आयोजनों की तरह इसका चलन भी समुदाय के अनुसार बदलता है।[4]
अवकाश के अनुसार योजना
आशूरा आधिकारिक राष्ट्रीय अवकाश है और जुलूस शहरी सड़कों से गुजर सकते हैं, इसलिए सामान्य समय-सारणी और कुछ सार्वजनिक स्थलों तक पहुँच प्रभावित हो सकती है। अवकाश कानून बैंकों या दुकानों के खुलने का समय या परिवहन की समय-सारणी तय नहीं करता। जिस इलाके में जाने की योजना है, वहाँ की स्थानीय सूचनाएँ देखें और सेवा-संचालकों से व्यवस्थाओं की जानकारी लें।[1][5]
ईरान में आशूरा: सवाल-जवाब
आशूरा कब मनाया जाता है?
यह इस्लामी चंद्र कैलेंडर के मुहर्रम के दसवें दिन पड़ता है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती है।[2]
क्या ईरान में आशूरा सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ। ईरान के आधिकारिक अवकाशों की सूची में आशूरा और तासुआ शामिल हैं। आशूरा साप्ताहिक विश्राम-दिन के साथ पड़ने पर कानून वैकल्पिक दिन नहीं देता।[1]
आशूरा किसकी याद में मनाया जाता है?
शिया मुसलमानों के लिए यह इमाम हुसैन के शोक का दिन है, जो 680 में कर्बला में मारे गए थे।[2]
आगंतुक क्या देख सकते हैं?
स्रोत और संदर्भ
ईरान में आशूरा के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- لایحه قانونی تعیین تعطیلات رسمی کشور- Islamic Revolutionary Council of Iran; hosted by Nezamat
- ʿĀŠŪRĀʾ- Encyclopaedia Iranica
- DASTA- Encyclopaedia Iranica
- Ritual dramatic art of Ta‘zīye- UNESCO
- Reza Masoudi Introduces Spatial Genealogy of the Ashura Ritual- The Institute of Ismaili Studies