ईरान में इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ
इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ वर्ष 1979 में पहलवी राजवंश के ऐतिहासिक पतन की याद दिलाती है। हर साल फरवरी में देश भर में आयोजित होने वाली विशाल सरकारी रैलियों में लाखों नागरिक भाग लेते हैं। यह प्रमुख राष्ट्रीय अवकाश ईरान इस्लामिक गणराज्य की आधिकारिक स्थापना का प्रतीक है।
इतिहास
वर्ष 1979 की क्रांति ने शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासन के खिलाफ दशकों के असंतोष को समाप्त कर दिया। व्यापक नागरिक प्रतिरोध और अयोतुल्ला रुहोल्लाह खोमईनी की वापसी के बाद 11 फरवरी को राजशाही का पतन हो गया। इस राजनीतिक उथल-पुथल ने देश की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को बदल दिया।
परंपराएं और खानपान
आधिकारिक आयोजनों में तेहरान के आजादी चौक पर भारी भीड़ जुटती है, जहां सरकारी नेता भाषण देते हैं। सैन्य परेड और आतिशबाजी इस राष्ट्रीय पर्व का मुख्य आकर्षण होते हैं। परिवार अक्सर घरों में पारंपरिक चावल और मांस के व्यंजन तैयार करके एक साथ भोजन करते हैं।
कार्यालय बंद रहना और यात्रा
चूंकि यह एक आधिकारिक राष्ट्रीय अवकाश है, इसलिए सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल और अधिकांश दुकानें बंद रहती हैं। यात्रियों को प्रमुख चौराहों के पास भारी ट्रैफिक जाम, सड़क बंद होने और सुरक्षा के कड़े उपायों का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक परिवहन के मार्गों में अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं।
इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ से जुड़े प्रश्न
इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ कब मनाई जाती है?
यह हर साल 11 फरवरी को मनाई जाती है, जो फारसी कैलेंडर के बहमन महीने का 22वां दिन होता है।
क्या इस दिन बैंक और दुकानें खुली रहती हैं?
नहीं, ईरान में यह एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश है, इसलिए बैंक, सरकारी संस्थान और स्कूल बंद रहते हैं।