सिंगापुर में दीपावली
दीपावली, जिसे दिवाली भी कहते हैं, सिंगापुर में हिंदुओं और कुछ सिखों तथा जैनों द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। यह सिंगापुर के अधिसूचित सार्वजनिक अवकाशों में से एक भी है; घरों की धार्मिक रस्मों और सार्वजनिक उत्सवों से लिटिल इंडिया जैसे इलाकों में चहल-पहल रहती है।[1][2]
अर्थ और सिंगापुर में आयोजन
दीपावली नाम का अर्थ “दीपों की पंक्ति” है, जो त्योहार पर जलाए जाने वाले दीपों को दर्शाता है। इसकी विभिन्न धार्मिक परंपराओं में यह त्योहार आम तौर पर बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय से जुड़ा है। इससे जुड़ी कथाएँ और महत्व समुदायों के अनुसार अलग-अलग होते हैं।[1]
सिंगापुर का राष्ट्रीय विरासत बोर्ड बताता है कि 1929 से दीपावली हर साल सार्वजनिक अवकाश रही है। यह त्योहार हिंदुओं के साथ-साथ सिखों और जैनों सहित अन्य धर्मों के भारतीय भी मनाते हैं; विशेष रीति-रिवाज और उनके अर्थ धार्मिक समुदायों के बीच अलग हो सकते हैं।[1]
घरेलू रीति-रिवाज और उत्सवी भोजन
तैयारियाँ कई सप्ताह पहले शुरू हो सकती हैं। परिवार घरों की सफाई और सजावट कर सकते हैं, नए कपड़े खरीद सकते हैं और मीठे तथा नमकीन पकवान बना सकते हैं। कुछ घरों में दरवाजे पर छोटे मिट्टी के दीपक (दीये) रखे जाते हैं और रंगीन चावल के आटे या चावल के दानों से रंगोली, जिसे कोलम भी कहते हैं, बनाई जाती है।[1]
राष्ट्रीय विरासत बोर्ड के अनुसार, हिंदुओं में त्योहार की सुबह जल्दी उठकर तेल से स्नान करने की परंपरा है। इसके बाद पारिवारिक प्रार्थना या पूजा हो सकती है और परिवार के छोटे सदस्य बड़ों से आशीर्वाद ले सकते हैं। लोग नए कपड़े पहन सकते हैं और परिवार उत्सवी पकवान बाँटकर खाते हैं। बोर्ड मिठाई, अधिरसम, मुरुक्कु और वड़ा को उदाहरण के रूप में गिनाता है; रीति-रिवाज घरों और समुदायों के अनुसार अलग-अलग होते हैं।[1]
लिटिल इंडिया के सार्वजनिक उत्सव
लिटिल इंडिया उत्सवी खरीदारी और सार्वजनिक समारोहों का प्रमुख केंद्र है। दीपावली से पहले के सप्ताहों में बाजारों में कपड़े, सजावट का सामान और नाश्ते की चीजें बिकती हैं, जबकि सेरंगून रोड पर आम तौर पर उत्सवी रोशनियाँ होती हैं। रोशनी और बाजार ऐसे सार्वजनिक उत्सव हैं जिनका आनंद त्योहार मनाने वाले समुदायों से बाहर के लोग भी ले सकते हैं।[1]
ये समारोह सिंगापुर में त्योहार मनाने के स्थानीय तरीकों का हिस्सा हैं और घरों तथा धार्मिक स्थलों की परंपराओं के साथ होते हैं। राष्ट्रीय विरासत बोर्ड सिंगापुर में दीपावली के हिस्से के रूप में मंदिर जाना और प्रार्थना करना बताता है; त्योहार की तैयारियों से लोग लिटिल इंडिया की दुकानों और बाजारों में भी आते हैं।[1]
सार्वजनिक अवकाश और योजना
सिंगापुर के मानव संसाधन मंत्रालय की अधिसूचित 11 सार्वजनिक अवकाशों की सूची में दीपावली शामिल है। रोजगार अधिनियम के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को आम तौर पर साल में 11 सवेतन सार्वजनिक अवकाश मिलते हैं। यदि अवकाश कर्मचारी के विश्राम-दिवस पर पड़े, तो अगला कार्य-दिवस सवेतन सार्वजनिक अवकाश होता है; यदि वह गैर-कार्यदिवस पर पड़े, तो कर्मचारी को एक और दिन की छुट्टी या उसके बदले एक अतिरिक्त दिन का वेतन मिलता है। अधिनियम के दायरे से बाहर के कर्मचारियों की व्यवस्था उनके रोजगार अनुबंध के अनुसार होती है।[2]
सार्वजनिक अवकाश होने से हर कार्यालय, बैंक, दुकान या सेवा के खुलने का समय तय नहीं होता। लिटिल इंडिया के बाजार और उत्सवी गतिविधियाँ समारोह के आसपास केंद्रित रहती हैं, लेकिन आगंतुकों को संबंधित व्यवसायों और सेवाओं के समय की जानकारी लेकर और इलाके के आयोजनों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।[1][2]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सिंगापुर में दीपावली सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ। यह सिंगापुर के अधिसूचित 11 सार्वजनिक अवकाशों में से एक है। लागू अधिकार रोजगार अधिनियम के दायरे में आने और उससे बाहर के कर्मचारियों के लिए तय शर्तों पर निर्भर करते हैं।[2]
दीपावली नाम का क्या अर्थ है?
यदि दीपावली रविवार को पड़े, तो क्या कर्मचारियों को एक और दिन की छुट्टी मिलती है?
यदि रविवार कर्मचारी का विश्राम-दिवस हो, तो अगला कार्य-दिवस सवेतन सार्वजनिक अवकाश होता है। यदि कर्मचारी रोजगार अधिनियम के दायरे में नहीं आता, तो उसके अनुबंध की शर्तें लागू होती हैं।[2]
स्रोत और संदर्भ
सिंगापुर में दीपावली के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Deepavali- National Heritage Board, Singapore
- Public holidays: entitlement and pay- Ministry of Manpower, Singapore
- Public holidays- Ministry of Manpower, Singapore