रूस में विजय दिवस: 1945 की विजय का सम्मान
विजय दिवस 1945 में सोवियत संघ द्वारा नाजी जर्मनी की हार की याद दिलाता है। यह देश का सबसे गंभीर और व्यापक रूप से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय अवकाश है। देश भर के लाखों नागरिक भव्य सैन्य परेडों और सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से हुतात्माओं को श्रद्धांजलि देते हैं।
विजय दिवस का इतिहास
विजय दिवस 9 मई 1945 को सोवियत सेना के समक्ष नाजी जर्मनी के औपचारिक आत्मसमर्पण का स्मरण कराता है। इस विनाशकारी संघर्ष में सोवियत संघ को करोड़ों नागरिकों की जान गंवानी पड़ी, जिससे यह विजय राष्ट्रीय पहचान का एक अहम स्तंभ बन गई। वार्षिक उत्सव आधुनिक रूसी समाज में गहराई से रचे-बसे हैं।
परंपराएं और खान-पान
नागरिक सैन्य शौर्य और स्मृति के प्रतीक के रूप में नारंगी और काले रंग का सेंट जॉर्ज रिबन पहनते हैं। सार्वजनिक चौकों पर विशाल सैन्य परेडें आयोजित की जाती हैं, जिनमें आधुनिक रक्षा उपकरणों के साथ ऐतिहासिक वाहन भी प्रदर्शित किए जाते हैं। खुले में होने वाले पारंपरिक भोज में गोश्त के साथ कुट्टू की खिचड़ी परोसी जाती है।
कार्यालय बंद रहना और यात्रा संबंधी सुझाव
एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश होने के कारण 9 मई को सरकारी कार्यालय, बैंक और स्कूल बंद रहते हैं। परेड की तैयारियों के कारण प्रमुख शहर केंद्रों में भारी सड़क बंद और कड़े सुरक्षा उपाय लागू होते हैं। यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में देरी की संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए।
विजय दिवस के बारे में प्रश्न
रूस में विजय दिवस कब मनाया जाता है?
रूस में विजय दिवस हर साल 9 मई को मनाया जाता है।
क्या विजय दिवस के दिन दुकानें और बैंक खुले रहते हैं?
चूंकि 9 मई एक राष्ट्रीय अवकाश है, इसलिए अधिकांश सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहते हैं।