क्रोएशिया में कॉर्पस क्रिस्टी
क्रोएशिया में तियेलोवो (Tijelovo) के नाम से जाना जाने वाला कॉर्पस क्रिस्टी कैथोलिक पर्व और राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश, दोनों है। इसकी तारीख ईस्टर के अनुसार बदलती है। इस दिन मिस्सा और कई जगहों पर यूखारिस्त लेकर सड़कों या गिरजाघर के आसपास निकाले जाने वाले जुलूस होते हैं।[1][2][3]
अर्थ और तारीख
तियेलोवो, जिसे परम पवित्र देह और रक्त का महापर्व भी कहते हैं, पवित्र बृहस्पतिवार के अंतिम भोज में यूखारिस्त की स्थापना की याद दिलाता है। यह पर्व 13वीं शताब्दी में लीज में शुरू हुआ और बाद में पोप अर्बन चतुर्थ ने इसे पश्चिमी चर्च के लिए स्थापित किया। यह पवित्र त्रित्व के पर्व के बाद आने वाले गुरुवार को पड़ता है, इसलिए इसकी तारीख हर साल ईस्टर के साथ बदलती है।[2]
कैथोलिक शिक्षा और उपासना में यह पर्व यूखारिस्त में मसीह की उपस्थिति का सम्मान करता है। जुलूस इस विश्वास की सार्वजनिक अभिव्यक्ति है: श्रद्धालु अभिषिक्त परमप्रसाद को चर्च से बाहर ले जाते हैं और रास्ते में प्रार्थनाएँ तथा आशीर्वाद शामिल हो सकते हैं।[2][3]
क्रोएशिया में आयोजन
क्रोएशिया के अलग-अलग हिस्सों में चर्च सेवाओं और यूखारिस्तीय जुलूसों के उदाहरण दर्ज हैं। डुब्रोवनिक में एक समारोह की रिपोर्ट के अनुसार, गिरजाघर में मिस्सा के बाद शहर की सड़कों से जुलूस निकला; बिशप ने छत्र के नीचे यूखारिस्त धारण किया और आशीर्वाद के लिए जुलूस चार स्थानों पर रुका। हाल में प्रथम परमप्रसाद ग्रहण करने वाले बच्चे और गिरजाघर के एक धर्मबंधु संघ के सदस्य भी इसमें शामिल हुए।[3]
स्थानीय रूप अलग-अलग हैं। क्रोएशिया के सार्वजनिक प्रसारक के अनुसार, मेदिमुर्जे में पहले जुलूस गाँव से होकर निकलता था, लेकिन अब अक्सर चर्च के आसपास आयोजित होता है। उसकी रिपोर्ट में डुब्रोवनिक और इस्ट्रिया से लेकर स्लावोनिया और बारान्या तक के चर्चों और गिरजाघरों में जुलूसों का भी वर्णन है। ये उदाहरण हैं, देशव्यापी एक ही कार्यक्रम नहीं: सेवाएँ, मार्ग और भागीदारी स्थानीय चर्चों पर निर्भर करते हैं।[3]
क्रोएशियाई नाम तियेलोवो का अर्थ मसीह का शरीर है। कुछ समुदायों में दूसरे नाम भी चलते हैं: सार्वजनिक प्रसारक डुब्रोवनिक क्षेत्र में कोरोसांते और वोज्वोदिना के क्रोएशियाई समुदायों में ब्राशानचेवो या तिलोवो नाम बताता है। उन समुदायों के पुराने लोकाचारों के विवरण में जुलूस, उत्सवी वस्त्र और घरों की खास प्रथाएँ शामिल हैं, लेकिन इन्हें पूरे क्रोएशिया की परंपरा नहीं मानना चाहिए।[3]
सार्वजनिक अवकाश और व्यावहारिक असर
क्रोएशिया का अवकाश, स्मृति दिवस और गैर-कार्य दिवस अधिनियम तियेलोवो को देश के सार्वजनिक अवकाशों और गैर-कार्य दिवसों में शामिल करता है। कर्मचारियों को इस अवकाश के लिए वेतन-क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है; तय समय-सारणी के अनुसार काम करने वाले कर्मचारी काम कर सकते हैं और लागू रोजगार नियमों के तहत अवकाश पर काम के लिए बढ़ा हुआ वेतन पा सकते हैं। रविवार को पड़ने वाला अवकाश अगले दिन के लिए स्थानांतरित नहीं होता।[1][4]
क्रोएशिया के व्यापार अधिनियम के तहत दुकानों को आम तौर पर सार्वजनिक अवकाशों पर बंद रहना होता है, हालांकि कुछ अपवाद हैं। इनमें परिवहन टर्मिनल के भीतर या उनसे जुड़े केंद्र, पेट्रोल पंप, अस्पताल, होटल, सांस्कृतिक या धार्मिक संस्थान, संग्रहालय, मरीना, शिविर स्थल और संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र शामिल हैं। समाचार कियोस्क सीमित समय के लिए अवकाश पर अख़बार बाँट सकते हैं। यात्रा से पहले संबंधित दुकान या सेवा से पूछें।[5]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कॉर्पस क्रिस्टी क्रोएशिया में सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ। क्रोएशियाई कानून तियेलोवो को सार्वजनिक अवकाश और गैर-कार्य दिवस सूचीबद्ध करता है। अवकाश के कारण काम न करने वाले कर्मचारियों को वेतन-क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार है।[1]
तियेलोवो कब मनाया जाता है?
क्या कॉर्पस क्रिस्टी पर दुकानें खुली रहती हैं?
सार्वजनिक अवकाशों पर दुकानें आम तौर पर बंद रहती हैं, लेकिन कानून कुछ स्थानों और खुदरा गतिविधियों के प्रकारों के लिए अपवाद देता है। खुलने का समय स्थानीय तौर पर जाँचें।[5]
क्या पूरे क्रोएशिया में जुलूस निकलते हैं?
क्रोएशिया के शहरों और क्षेत्रों में जुलूसों की खबरें हैं, लेकिन मार्ग और रीति-रिवाज स्थानीय चर्च के अनुसार बदलते हैं। सेवाओं और आयोजनों के विवरण के लिए पैरिश या धर्मप्रांत से पूछें।[3]
स्रोत और संदर्भ
क्रोएशिया में कॉर्पस क्रिस्टी के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Zakon o blagdanima, spomendanima i neradnim danima u Republici Hrvatskoj- Narodne novine
- Tijelovo- Leksikografski zavod Miroslav Krleža, Hrvatska enciklopedija
- Tijelovo- Hrvatska radiotelevizija (HRT)
- Rad u dane blagdana- Ministarstvo rada, mirovinskoga sustava, obitelji i socijalne politike
- Zakon o izmjenama i dopuni Zakona o trgovini- Hrvatski sabor, Narodne novine