जिबूती में मुहम्मद का जन्मदिन (मौलिद)
स्थानीय तौर पर मौलूद के नाम से जाना जाने वाला मौलिद, पैगंबर मुहम्मद के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है और जिबूती में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश है। राजधानी के मोहल्लों और देश के विभिन्न ज़िलों में धार्मिक समारोह होते हैं।[1][3]
सवेतन सार्वजनिक अवकाश
जिबूती के आधिकारिक राजपत्र में मौलूद को देश के सार्वजनिक, काम से छुट्टी वाले और सवेतन अवकाशों में एक दिन के लिए शामिल किया गया है। बाद के एक संशोधन ने स्वतंत्रता दिवस के दिनों की संख्या बदली और कहा कि अवकाशों की बाकी सूची अपरिवर्तित रहेगी।[1]
श्रम मंत्रालय का साप्ताहिक विश्राम संबंधी आदेश कहता है कि सवेतन सार्वजनिक अवकाशों पर काम कानूनी रूप से स्थगित रहता है, सिवाय उन संस्थानों के जहाँ गतिविधियाँ रोकी नहीं जा सकतीं। इससे संबंधित कर्मचारियों के लिए कानूनन छुट्टी तय होती है, जबकि कुछ आवश्यक या निरंतर चलने वाले काम जारी रह सकते हैं।[2]
मौलूद को पहले के एक स्थानीय अवकाश विनियम में 12 रबीउल अव्वल से जोड़ा गया है। बाद का आदेश एक दिन का अवकाश तय करता है, लेकिन आम तौर पर लागू होने वाला वैकल्पिक अवकाश-दिवस नियम नहीं बताता।[1][4]
यह उत्सव किसकी स्मृति में है
मौलिद मुहम्मद के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। जिबूती में इसे मौलूद कहा जाता है; यह नाम देश के आधिकारिक अवकाश दस्तावेज़ों और स्थानीय समाचारों में इस्तेमाल हुआ है।[1][3]
जिबूती में सार्वजनिक रूप से मनाया जाने वाला यह अवसर पैगंबर के जन्मदिन के व्यापक मुस्लिम उत्सव का हिस्सा है। इसकी तारीख़ इस्लामी कैलेंडर के अनुसार होती है, इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह हर साल बदलती है।[4]
जिबूती में समारोह
जिबूती सूचना एजेंसी की एक रिपोर्ट में राजधानी के मोहल्लों और देश के भीतरी ज़िलों में धार्मिक समारोहों का वर्णन है। इन सभाओं में धार्मिक विद्वान पैगंबर के जीवन के बारे में बताते हैं।[3]
रिपोर्ट में राजधानी के मोहल्लों और देश के भीतरी ज़िलों में होने वाले समारोहों का वर्णन है, जहाँ धार्मिक विद्वान पैगंबर के जीवन का वृत्तांत सुनाते हैं।[3]
अवकाश के अनुसार योजना
कानूनी दस्तावेज़ कर्मचारियों के लिए सवेतन काम से छुट्टी का दिन तय करते हैं, जबकि ऐसे काम के लिए अपवाद रखते हैं जिन्हें रोका नहीं जा सकता। खुलने के समय और परिवहन की समय-सारिणी के लिए संबंधित सेवा या संचालक से पूछ लें।[1][2]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या जिबूती में मौलिद सार्वजनिक अवकाश है?
हाँ। जिबूती के आधिकारिक राजपत्र में मौलूद को एक दिन का सार्वजनिक, काम से छुट्टी वाला और सवेतन अवकाश बताया गया है।[1]
जिबूती में मौलिद कब मनाया जाता है?
मौलूद को पहले के एक स्थानीय अवकाश विनियम में 12 रबीउल अव्वल से जोड़ा गया है। इस्लामी कैलेंडर चंद्र आधारित होने के कारण इसकी ग्रेगोरियन तारीख़ हर साल बदलती है।[4]
जिबूती में मौलिद कैसे मनाया जाता है?
जिबूती की एक समाचार रिपोर्ट में राजधानी के मोहल्लों और भीतरी ज़िलों में धार्मिक समारोहों का वर्णन है, जहाँ विद्वान पैगंबर के जीवन के बारे में बताते हैं।[3]
स्रोत और संदर्भ
जिबूती में मुहम्मद का जन्मदिन (मौलिद) के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Arrêté n° 80-0931/PR portant rectificatif de l’arrêté n° 77-347/PR/MI du 4.10.1977 règlementant les jours fériés, chômés et payés en République de Djibouti.- Journal Officiel de la République de Djibouti
- Arrêté n° 2019-193/PR/MTRA fixant les modalités d’exécution et les conditions d’aménagement du repos hebdomadaire.- Journal Officiel de la République de Djibouti
- Célébration à Djibouti de la fête du "Mouloud"- Agence Djiboutienne d’Information
- Arrêté n° 59/90/SPCG réglementant en Côte Française des Somalis les jours féries, chômés et payés.- Journal Officiel de la République de Djibouti