जिबूती में ईद-अल-अधा (बकरीद) का उत्सव
जिबूती भर में ईद-अल-अधा सबसे पवित्र इस्लामी त्योहारों में से एक है। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की भक्ति और ईश्वर के प्रति उनकी आज्ञाकारिता की याद दिलाता है। समुदाय सामूहिक प्रार्थना, दान देने और उत्सव के पारिवारिक भोजन के लिए एकत्र होते हैं।
इतिहास
ईद-अल-अधा, जिसे बलिदान का त्योहार कहा जाता है, पैगंबर इब्राहिम द्वारा ईश्वर के आदेश पर अपने बेटे को बलिदान करने की इच्छा को याद करता है। जिबूती में यह ऐतिहासिक अवसर चंद्र कैलेंडर की परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
परंपराएं और भोजन
इस दिन की शुरुआत मस्जिदों और खुले मैदानों में सुबह की प्रार्थना के साथ होती है। परिवार नए कपड़े पहनते हैं, पारंपरिक मांसाहारी व्यंजन तैयार करते हैं और जरूरतमंदों के साथ बलिदान का कुछ हिस्सा साझा करते हैं।
बंद और यात्रा
छुट्टी की अवधि के दौरान सरकारी कार्यालय, स्कूल, बैंक और अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में बदलाव की उम्मीद करनी चाहिए और तदनुसार यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
जिबूती में ईद-अल-अधा से जुड़े प्रश्न
जिबूती में ईद-अल-अधा की तारीख कैसे तय होती है?
यह इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार निर्धारित होती है, जो धू अल-हिज्जा के दसवें दिन आती है।
छुट्टी के दौरान कौन सी सेवाएं खुली रहती हैं?
अस्पताल, आपातकालीन इकाइयां और चुनिंदा जरूरी दुकानें संशोधित घंटों के साथ खुली रहती हैं।