आसाल्झा पूजा को जानें: थाईलैंड का पवित्र धम्म दिवस
आसाल्झा पूजा सारनाथ में पांच शिष्यों को बुद्ध के पहले उपदेश की याद दिलाती है। आठवें चंद्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व बौद्ध भिक्षु संघ की स्थापना का प्रतीक है। थाई बौद्ध मंदिरों में जाकर, पुण्य अर्जन कर और उपदेश सुनकर इस पवित्र दिन को मनाते हैं।
History
धम्म दिवस के रूप में भी जाने जाने वाले इस उत्सव में उस ऐतिहासिक क्षण का स्मरण किया जाता है जब बुद्ध ने चार आर्य सत्यों का उपदेश दिया था। पहले शिष्य के रूप में स्वीकार किए जाने से बुद्ध, धम्म और संघ के त्रिरत्न पूर्ण हुए। यह प्रथम उपदेश संपूर्ण बौद्ध परंपरा का सैद्धांतिक आधार बना।
Traditions & Food
भक्तगण सुबह के समय स्थानीय मंदिरों में भिक्षुओं को भोजन और दान देकर पुण्य अर्जित करते हैं। शाम के समय लोग प्रज्वलित मोमबत्तियों के साथ मंदिर की परिक्रमा करते हुए वियान तियान समारोह में भाग लेते हैं। इस दौरान पारंपरिक शाकाहारी भोजन का सेवन किया जाता है।
Closures & Travel
आसाल्झा पूजा थाईलैंड में एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश है, जिसके कारण सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहते हैं। बड़े मॉल और पर्यटक स्थल खुले रहते हैं, लेकिन पूरे देश में चौबीस घंटे के लिए शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहता है।
आसाल्झा पूजा से जुड़े प्रश्न
क्या आसाल्झा पूजा के दिन शराब बिकती है?
नहीं, इस धार्मिक अवकाश के दौरान थाईलैंड में सभी दुकानों और रेस्तरां में शराब की बिक्री पर कानूनी रोक होती है।
आसाल्झा पूजा के तुरंत बाद कौन सा पर्व आता है?
अगले दिन वान खाओ पंसा होता है, जो बौद्ध भिक्षुओं के तीन महीने के वर्षाकालीन एकावास की शुरुआत का प्रतीक है।