पाकिस्तान में आशूरा
आशूरा, जिसे यौम-ए-आशूर भी कहा जाता है, मुहर्रम की 10वीं तारीख़ को मनाया जाता है। पाकिस्तान में यह कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों के शोक से जुड़ा है। संघीय सरकार मुहर्रम की 9वीं और 10वीं, दोनों तारीख़ों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करती है; इस्लामी तारीख़ों की पुष्टि पाकिस्तान की चाँद देखने की प्रक्रिया से होती है।[1][2][3]
अर्थ और इतिहास
आशूरा कई देशों के मुसलमान मनाते हैं। पाकिस्तान में सार्वजनिक आयोजन मुख्य रूप से पैग़ंबर मुहम्मद के नाती इमाम हुसैन और उनके साथियों की 680 में कर्बला में हुई शहादत पर केंद्रित होते हैं। इस बलिदान को आस्था और न्याय के पक्ष में डटे रहने के रूप में याद किया जाता है।[4][5]
मुसलमानों की प्रथाएँ और मान्यताएँ अलग-अलग हो सकती हैं। पंजाब विश्वविद्यालय के लाहौर पर किए गए एक अध्ययन में मुहर्रम के दौरान शिया शोक सभाओं, धर्मोपदेशों और मर्सियों का वर्णन है। इसमें कुछ सुन्नी मुसलमानों द्वारा स्वेच्छा से रोज़ा रखने का भी उल्लेख है। अध्ययन यह भी बताता है कि लाहौर में कई मुसलमान इस महीने खुशी के आयोजनों से परहेज़ करते हैं।[4]
लोग इसे कैसे मनाते हैं
पाकिस्तानी शहरों और कस्बों में शोक जुलूस और धार्मिक सभाएँ आयोजित की जाती हैं। पाकिस्तान का सरकारी प्रसारक उन जुलूसों और धर्मोपदेशों की खबर देता है जिनमें इमाम हुसैन और कर्बला को याद किया जाता है। लाहौर पर विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में मजलिसों यानी स्मृति सभाओं और जुलूसों को स्थानीय आयोजन का हिस्सा बताया गया है।[4][5]
लाहौर के अध्ययन में सबीलों का वर्णन है—ऐसे स्थान जहाँ राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को पानी और गर्म मौसम में ठंडा दूध दिया जाता है। ये प्रथाएँ कर्बला में झेली गई प्यास की याद से जुड़ी हैं।[4]
सार्वजनिक अवकाश और व्यावहारिक प्रभाव
कैबिनेट डिवीज़न अधिसूचना जारी करके आशूरा के अवकाश घोषित करता है। एक आधिकारिक अधिसूचना में पाँच-दिवसीय या छह-दिवसीय कार्यसप्ताह वाले कार्यालयों के लिए मुहर्रम की 9वीं और 10वीं, दोनों तारीख़ों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है। इसमें किसी सामान्य वैकल्पिक अवकाश का नियम नहीं बताया गया है, इसलिए लागू तारीख़ों और दायरे के लिए मौजूदा आधिकारिक अधिसूचना देखें।[1][2]
जुलूसों के मार्गों के आसपास यात्रा प्रभावित हो सकती है। पंजाब विश्वविद्यालय के लाहौर पर किए गए अध्ययन में जुलूस मार्गों पर सामान्य यातायात रोकने और मार्ग में सुरक्षा जाँच का वर्णन है। सरकारी प्रसारक भी जुलूसों के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों की खबर देता है। स्थानीय इंतज़ाम अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय अधिकारियों या परिवहन संचालकों से जानकारी लें।[4][5]
पाकिस्तान में आशूरा: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आशूरा कब मनाया जाता है?
क्या पाकिस्तान में आशूरा पर सार्वजनिक अवकाश होता है?
अगर अवकाश सप्ताहांत पर पड़े तो क्या किसी और दिन छुट्टी होती है?
कैबिनेट डिवीज़न की आशूरा अधिसूचना में मुहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख़ को अवकाश बताया गया है, लेकिन किसी वैकल्पिक दिन का नियम नहीं दिया गया। संबंधित वर्ष की अधिसूचना देखें।[2]
यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
क्या दुकानें और बैंक बंद रहते हैं?
यहाँ उद्धृत कैबिनेट डिवीज़न की अधिसूचना में पाँच-दिवसीय और छह-दिवसीय कार्यसप्ताह वाले कार्यालय शामिल हैं, लेकिन हर दुकान या बैंक के खुलने के नियम नहीं दिए गए हैं। संबंधित दुकान या बैंक से पूछें और उसकी मौजूदा अवकाश अधिसूचना देखें।[2]
स्रोत और संदर्भ
पाकिस्तान में आशूरा के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Public and Optional Holidays- Cabinet Division, Government of Pakistan
- DECLARATION OF PUBLIC HOLIDAYS ON THE OCCASION OF ASHURA- Cabinet Division, Government of Pakistan
- Ruhat-e-Hilal- Ministry of Religious Affairs and Interfaith Harmony, Government of Pakistan
- Religious Festivals of Lahore- Journal of the Punjab University Historical Society, University of the Punjab
- Youm-e-Ashur observed countrywide with due solemnity- Radio Pakistan