फ़्रेंच पोलिनेशिया में विजय दिवस: प्रशांत बटालियन के बलिदान का स्मरण
फ़्रेंच पोलिनेशिया में हर वर्ष 8 मई को विजय दिवस एक आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है। पापीते और अन्य द्वीपों पर द्वितीय विश्व युद्ध के स्थानीय स्वयंसेवकों के सम्मान में स्मृति सभाएं आयोजित की जाती हैं। द्वीपवासी इस दिन को शांतिपूर्ण स्मरण और परिवार के साथ समय बिताने के रूप में मनाते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्रशांत बटालियन
8 मई 1945 को नाज़ी जर्मनी के आत्मसमर्पण के साथ यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ था। फ़्रेंच पोलिनेशिया ने सितंबर 1940 में ही जनरल डी गॉल के 'फ्री फ़्रांस' आंदोलन का समर्थन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
यहाँ के स्थानीय स्वयंसेवकों ने 'प्रशांत बटालियन' का गठन कर उत्तरी अफ्रीका के बीर हकीम और यूरोप के प्रमुख युद्धक्षेत्रों में अदम्य साहस का परिचय दिया था।
श्रद्धांजलि सभाएं और पारंपरिक भोजन
मुख्य राजकीय समारोह पापीते के युद्ध स्मारक पर आयोजित होता है, जहाँ प्रशासनिक अधिकारी और पूर्व सैनिक पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन करते हैं।
समारोह के बाद स्थानीय लोग परिवार के साथ नारियल के दूध और नींबू में तैयार पारंपरिक कच्ची मछली (प्वासों क्रू) जैसे स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
सार्वजनिक अवकाश और परिवहन सेवाएं
इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, डाकघर और शिक्षण संस्थान पूर्णतः बंद रहते हैं।
पर्यटन स्थल और रिसॉर्ट सामान्य रूप से संचालित होते हैं, जबकि ताहिती और मूरेआ के बीच चलने वाली नौकाएं तथा बसें अवकाश समय-सारणी के अनुसार चलती हैं।
विजय दिवस से जुड़े प्रश्न
क्या 8 मई को ताहिती में पर्यटन सेवाएं उपलब्ध रहती हैं?
हाँ, होटल, डाइविंग केंद्र और रिसॉर्ट खुले रहते हैं, केवल सरकारी दफ्तर और बैंक बंद रहते हैं।
मुख्य विजय दिवस समारोह कहाँ आयोजित होता है?
पापीते में स्थित युद्ध स्मारक (Monument aux Morts) पर मुख्य श्रद्धांजलि दी जाती है।