नॉर्वे में गुड फ्राइडे
नॉर्वे में Langfredag कहलाने वाला गुड फ्राइडे, ईस्टर रविवार से पहले के शुक्रवार को पड़ने वाला कानूनन सार्वजनिक अवकाश है। नॉर्वेजियन कानून इस दिन की शांति बनाए रखता है और काम तथा दुकानों के खुलने पर पाबंदियाँ लगाता है; चर्च यीशु की पीड़ा और मृत्यु पर केंद्रित प्रार्थना सभाएँ करते हैं।[1][2]
कानून द्वारा निर्धारित सार्वजनिक अवकाश
नॉर्वे का अवकाश अधिनियम गुड फ्राइडे को सार्वजनिक अवकाश घोषित करता है और इसे ईस्टर रविवार से पहले का आखिरी शुक्रवार परिभाषित करता है। कानून का घोषित उद्देश्य उपासना और सार्वजनिक शांति की रक्षा करना तथा छुट्टियों को शांति और गरिमा देना है। इसलिए इसकी तारीख ईस्टर के साथ बदलती है।[1]
रविवार और सार्वजनिक अवकाशों पर काम आम तौर पर मना है, जब तक कि काम की प्रकृति के कारण ऐसा करना आवश्यक न हो। कानून ऐसे काम के लिए सीमित व्यवस्थाओं की भी अनुमति देता है, इसलिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी उसके काम और लागू समझौतों पर निर्भर करती है।[3]
ईसाई अर्थ और पालन
गुड फ्राइडे ईसाई ईस्टर पालन का हिस्सा है। चर्च ऑफ नॉर्वे के अनुसार, यह दिन यीशु को यातना दिए जाने और सूली पर चढ़ाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है। चर्च के विवरण में यह दिन ईस्टर की व्यापक कथा का हिस्सा है, जिसमें यीशु की मृत्यु की स्मृति के बाद ईस्टर रविवार को उनके पुनरुत्थान का उत्सव आता है।[2]
गुड फ्राइडे की प्रार्थना सभाओं में आम तौर पर यीशु की पीड़ा और मृत्यु से जुड़े बाइबिल के प्रसंग पढ़े जाते हैं। चर्च ऑफ नॉर्वे बताता है कि वेदी की बत्तियाँ नहीं जलाई जातीं और कुछ जगहों पर बिना ऑर्गन या अन्य वाद्ययंत्रों के गायन की परंपरा है। ये कुछ चर्चों की प्रथाएँ हैं, देशभर में एक समान परंपरा नहीं।[2]
चर्च और सार्वजनिक जीवन
इस अवकाश का कानूनी ढाँचा इसके धार्मिक और नागरिक स्वरूप को दर्शाता है: कानून सार्वजनिक अवकाशों की रक्षा के कारणों में उपासना और सार्वजनिक शांति को शामिल करता है। सूचीबद्ध अपवादों के अधीन, यह सार्वजनिक अवकाशों की सुबह के समय सार्वजनिक आयोजनों और प्रस्तुतियों पर भी पाबंदी लगाता है। धार्मिक समुदायों के आयोजन इन अपवादों में शामिल हैं।[1]
चर्च ऑफ नॉर्वे के अनुसार, पहले पूरे समाज में गुड फ्राइडे शांति का दिन हुआ करता था। उसका वर्तमान विवरण चर्च की प्रार्थना सभाओं और इस दिन के गंभीर स्वरूप पर केंद्रित है; यह नॉर्वे में सभी के लिए पालन का कोई एक तरीका निर्धारित नहीं करता।[2]
दुकानें और योजना
उपभोक्ताओं को सामान बेचने वाली अधिकतर स्थायी खुदरा दुकानों को गुड फ्राइडे सहित सार्वजनिक अवकाशों पर बंद रहना पड़ता है। इस नियम में अपवाद हैं, इसलिए खुलने का समय दुकान के प्रकार और अन्य लागू प्रावधानों पर निर्भर हो सकता है। किसी खास दुकान के खुले रहने पर भरोसा करने से पहले स्थानीय जानकारी जाँचें।[4]
गुड फ्राइडे नॉर्वे में एक सार्वजनिक अवकाश है, जब कानून दुकानों के खुलने और रविवार या सार्वजनिक अवकाश के काम को प्रतिबंधित करता है।[3][4]
नॉर्वे में गुड फ्राइडे: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नॉर्वे में गुड फ्राइडे कब होता है?
यह ईस्टर रविवार से पहले का आखिरी शुक्रवार है, इसलिए इसकी तारीख हर साल बदलती है।[1]
क्या गुड फ्राइडे सार्वजनिक अवकाश और काम से छुट्टी का दिन है?
क्या गुड फ्राइडे को दुकानें खुली रहती हैं?
उपभोक्ताओं को सामान बेचने वाली अधिकतर स्थायी खुदरा दुकानों को बंद रहना पड़ता है, हालांकि कुछ प्रकार की दुकानों को छूट है। यात्रा से पहले संबंधित दुकान से जाँच लें।[4]
गुड फ्राइडे पर नॉर्वे के चर्चों में क्या होता है?
प्रार्थना सभाओं में आम तौर पर यीशु की पीड़ा और मृत्यु से जुड़े बाइबिल के पाठ शामिल होते हैं। कुछ चर्चों में वेदी की बत्तियाँ नहीं जलाई जातीं और गायन बिना वाद्ययंत्रों के होता है।[2]
स्रोत और संदर्भ
नॉर्वे में गुड फ्राइडे के लिए इस्तेमाल किए गए स्रोत:
- Lov om helligdager og helligdagsfred- Lovdata
- Langfredag- The Church of Norway
- Arbeidsmiljøloven – aml- Norwegian Labour Inspection Authority
- Natt- og alenearbeid i varehandelen- Government of Norway