नॉरफ़ॉक द्वीप पर वर्षगांठ दिवस (बाउंटी डे)
नॉरफ़ॉक द्वीप पर हर साल 8 जून को वर्षगांठ दिवस मनाया जाता है, जिसे बाउंटी डे भी कहते हैं। यह सार्वजनिक अवकाश 1856 में मोरेयर पोत से पिटकेर्न द्वीपवासियों के आगमन की याद में आयोजित होता है। स्थानीय परिवार पारंपरिक परिधानों में ऐतिहासिक पुनरावृत्ति और किंग्स्टन में सामूहिक भोज के साथ उत्सव मनाते हैं।
पिटकेर्न समुदाय के आगमन का इतिहास
8 जून 1856 को एचएमएस बाउंटी के विद्रोहियों और उनकी ताहिती पत्नियों के 194 वंशज किंग्स्टन घाट पर उतरे थे। पिटकेर्न द्वीप पर बढ़ती आबादी के कारण ब्रिटिश क्राउन ने पूर्व दंडात्मक बस्ती वाले नॉरफ़ॉक द्वीप को इस समुदाय के स्थायी निवास के लिए सौंप दिया था।
इस ऐतिहासिक घटना ने द्वीप की आधुनिक सामाजिक व्यवस्था और नॉरफ़ॉक भाषा की नींव रखी। यह वार्षिक दिवस पूर्वजों के संघर्ष और पारिवारिक संबंधों को स्मरण करने का अवसर है।
पारंपरिक वेशभूषा, जुलूस और स्थानीय व्यंजन
समारोह की शुरुआत किंग्स्टन घाट पर होती है, जहां निवासी उन्नीसवीं सदी के परिधान पहनकर नावों के आगमन का मंचन करते हैं। इसके बाद समूह पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और पारिवारिक नामों के स्मरण के लिए समाधि स्थल की ओर बढ़ता है।
दोपहर में मैदान पर बड़े पारिवारिक भोज का आयोजन किया जाता है। भोजन में पिल्ही (केले या शकरकंद से बना बेक किया हुआ व्यंजन), ताज़ी तटीय मछलियां और पारंपरिक नारियल ब्रेड परोसी जाती हैं।
सार्वजनिक अवकाश और पर्यटकों के लिए सुझाव
बाउंटी डे पर सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, विद्यालय और बर्न्ट पाइन की अधिकांश दुकानें पूरी तरह बंद रहती हैं।
पर्यटक किंग्स्टन में सुबह के ऐतिहासिक जुलूस और सांस्कृतिक मंचन को स्वतंत्र रूप से देख सकते हैं। रेस्तरां बंद रहने के कारण आगंतुकों को भोजन की व्यवस्था पहले से करने की सलाह दी जाती है।
बाउंटी डे से जुड़े प्रश्न
नॉरफ़ॉक द्वीप पर बाउंटी डे किस तारीख को मनाया जाता है?
यह अवकाश हर वर्ष 8 जून को 1856 के ऐतिहासिक आगमन की स्मृति में मनाया जाता है।
क्या पर्यटक किंग्स्टन में आयोजित समारोह देख सकते हैं?
हां, पर्यटक किंग्स्टन घाट पर होने वाले ऐतिहासिक मंचन और सार्वजनिक परेड में दर्शक के रूप में शामिल हो सकते हैं।