क्रिसमस द्वीप पर एंज़ैक दिवस का आयोजन
हर साल 25 अप्रैल को क्रिसमस द्वीप पर एंज़ैक दिवस आधिकारिक सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है। यह ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र पिछले युद्धों में सेवा देने वाले सैनिकों के बलिदान को औपचारिक रूप से याद करता है। द्वीप के नागरिक भोर के समय एकत्र होकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गैलीपोली अभियान
एंज़ैक दिवस 25 अप्रैल 1915 को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गैलीपोली प्रायद्वीप पर ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंड सेना कोर के उतरने की स्मृति में मनाया जाता है। ओटोमन सेना के कड़े प्रतिरोध के कारण यह सैन्य अभियान आठ महीने के गतिरोध और भारी जनहानि में बदल गया था।
साल 1916 से इस दिन के लिए औपचारिक रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें दो मिनट का मौन और स्मरण सभाएं शामिल थीं। समय के साथ यह आयोजन सभी अंतरराष्ट्रीय युद्धों और शांति अभियानों में भाग लेने वाले सैनिकों के सम्मान का प्रतीक बन गया।
भोर की प्रार्थना, लाल पोस्ता और एंज़ैक बिस्कुट
क्रिसमस द्वीप पर समारोह की शुरुआत पारंपरिक डॉन सर्विस से होती है, जो सैनिकों के तट पर उतरने के शुरुआती समय को दर्शाती है। उपस्थित लोग मौन रखकर प्रार्थना करते हैं, बिगुल की धुन सुनते हैं और लाल पोस्ते के फूलों से सजे चक्र अर्पित करते हैं।
श्रद्धांजलि के बाद स्थानीय लोग चाय और पारंपरिक एंज़ैक बिस्कुट बांटते हैं। जई और गुड़ के सीरप से बने ये बिस्कुट युद्ध के समय इसलिए लोकप्रिय हुए क्योंकि वे समुद्री यात्रा के दौरान महीनों तक खराब नहीं होते थे।
सार्वजनिक अवकाश और यात्रा संबंधी सलाह
आधिकारिक अवकाश होने के कारण क्रिसमस द्वीप पर सरकारी कार्यालय, बैंक और स्कूल पूरे दिन बंद रहते हैं। स्थानीय बस्तियों की दुकानें और खान-पान केंद्र सुबह के समय बंद रहते हैं या सीमित समय के लिए खुलते हैं।
राष्ट्रीय उद्यान और दर्शनीय स्थल आगंतुकों के लिए खुले रहते हैं, लेकिन असुविधा से बचने के लिए पर्यटकों को वाहन ईंधन और जरूरी खाद्य सामग्री का प्रबंध पहले से कर लेने की सलाह दी जाती है।
एंज़ैक दिवस से जुड़े प्रश्न
क्या पर्यटक क्रिसमस द्वीप पर भोर की प्रार्थना में शामिल हो सकते हैं?
हाँ, पर्यटक इस औपचारिक सभा में भाग ले सकते हैं; सूर्योदय से पहले गरिमापूर्ण पोशाक में पहुँचना उचित माना जाता है।
क्या 25 अप्रैल को द्वीप पर दुकानें खुली रहती हैं?
अधिकांश सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं और निजी दुकानें सुबह की सभा के बाद सीमित समय के लिए ही खुलती हैं।